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आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को पता चल जाता है कि उनका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र बहà¥à¤¤ बढ़ रहा है. वैसे जब बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल 300 या 400 mg/dl हो जाठतो बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ लगती है. इसमें बार-बार पेशाब लगता है. इसके अलावा बहà¥à¤¤ अधिक कमजोरी, बेचैनी, देखने में दिकà¥à¤•त, कंफà¥à¤¯à¥‚जन, पेट में दरà¥à¤¦, सांसों से फà¥à¤°à¥‚ट जैसा सà¥à¤®à¥‡à¤² जैसी शिकायतें बढ़ने लगती है. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में डॉकà¥à¤Ÿà¤° मरीज को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ थेरेपी देते हैं और शरीर में जमा हà¥à¤ हानिकाकर फà¥à¤²à¥‚ड और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ को बदल देते हैं.
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र 300 से उपर जाना अपने आप में घातक है. टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घातक है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें पहले से ही इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ नहीं बनता. इस कारण खून में जितने à¤à¥€ गà¥à¤²à¥‚कोज है वह हानिकारक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ में बदलने लगता है जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ घातक होता है. इससे हारà¥à¤Ÿ और नसों पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ता है. अगर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र 400 से उपर चला जाठतो रिसà¥à¤• और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ जाता है.
सबसे पहले तो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को बढ़ने ही न दें. इसके लिठनियमित रूप से बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की जांच करें. जैसे ही बà¥à¤²à¤¡ 300 के पार हो, तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास आà¤. इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मरीज को à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करना पड़ता है. इसमें 3 से 10 दिन तक का समय लग सकता है. करीब à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ की निगरानी में मरीज को रहना पड़ता है. इसमें डà¥à¤°à¤¿à¤ª से इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ दिया जाता है. बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करना पड़ता है. अगर मरीज यà¥à¤µà¤¾ है तो जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर करेगा. बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— मरीज को रिकवर होने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लग सकता है.
अगर बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल 300 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है तो बहà¥à¤¤ अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीà¤à¤‚. पानी शà¥à¤—र फà¥à¤°à¥€ होना चाहिà¤. जितना अधिक पानी पीà¤à¤‚गे खून से शà¥à¤—र की उतनी मातà¥à¤°à¤¾ बाहर आà¤à¤—ी. यह पता लगाà¤à¤‚ कि शà¥à¤—र बढ़ी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है. अगर खाने-पीने की वजह से बढ़ी है तो तà¥à¤°à¤‚त किसी à¤à¥€ तरह की मीठी, तली, à¤à¥‚नी चीजों को छोड़ दें. 300 से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र होने पर किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की मीठी चीजें न खाà¤à¤‚. अगर दवाई लेनी à¤à¥‚ल गठतो दवाई लें. अगर कोई इंफेकà¥à¤¶à¤¨ है या बहà¥à¤¤ अधिक तनाव है तो उसे दूर करें.
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